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महाराष्ट्र में शोक: पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या से मुंबई में मातम

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baba siddique - Foto reprodução baba siddique - Foto reprodução

पिछले शनिवार को मुंबई में एक ऐसी घटना घटी जिसने महाराष्ट्र और भारतीय राजनीति को गहरे सदमे में डाल दिया। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख नेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

हमला

यह हमला मुंबई के बांद्रा क्षेत्र में उनके बेटे ज़ीशान सिद्दीकी के कार्यालय के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाबा सिद्दीकी पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं और तुरंत वहां से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल सिद्दीकी को तुरंत लीलावती अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

मुंबई पुलिस ने इस घटना के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों संदिग्धों की पहचान उत्तर प्रदेश और हरियाणा के निवासी के रूप में हुई है, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि इस हत्या के पीछे किसी बड़ी साजिश का हाथ हो सकता है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

बाबा सिद्दीकी की मौत ने राजनीतिक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना की कड़ी निंदा की और पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उप-मुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजीत पवार ने इस घटना को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” करार देते हुए राज्य में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की।

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने इस हत्या को एक “बड़ी साजिश” करार देते हुए विशेष जांच दल के गठन की मांग की। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “अगर हमारे पूर्व विधायक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?”

बाबा सिद्दीकी कौन थे?

बाबा सिद्दीकी महाराष्ट्र के राजनीतिक क्षेत्र में एक प्रमुख हस्ती थे। उन्होंने बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक के रूप में कार्य किया और राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में मंत्री पद संभाला। उनकी लोकप्रियता उनके समुदाय में उनकी सेवाओं और लोगों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण थी। सिद्दीकी ने फरवरी 2024 में कांग्रेस छोड़कर अजीत पवार के नेतृत्व वाली NCP का दामन थामा था और आगामी लोकसभा चुनावों के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।

सुरक्षा और न्याय पर सवाल

बाबा सिद्दीकी की मौत ने मुंबई और महाराष्ट्र में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा कि अगर पूर्व मंत्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा पर भरोसा कैसे किया जा सकता है।

भविष्य पर प्रभाव

बाबा सिद्दीकी की मृत्यु से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव होने की संभावना है। एक प्रमुख नेता की अनुपस्थिति NCP के अंदर शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है और नई नेतृत्व की उभरने की संभावनाओं को बढ़ा सकती है।

घटनाओं की समयरेखा

  • फरवरी 2024: बाबा सिद्दीकी NCP में शामिल हुए।
  • अक्टूबर 2024: सिद्दीकी पर बांद्रा में गोलीबारी हुई।
  • घटना के बाद: उन्हें लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।
  • संदिग्धों की गिरफ्तारी: मुंबई पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
  • राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: नेताओं ने शोक व्यक्त किया और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।

इस घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य छोड़ दिया है और राज्य में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंताएं उत्पन्न की हैं।

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