दक्षिण कोरियाई कंपनी Samsung ने Galaxy S25 स्मार्टफोन श्रृंखला के लिए One UI इंटरफेस के तीसरे परीक्षण संस्करण की तैयारी पूरी कर ली है। कंपनी सॉफ्टवेयर की स्थिरता से जुड़ी कमियों को दूर करने और अंतिम रिलीज से पहले सभी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अपडेट फाइलें भेज रही है।
ब्रांड के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स पहले जारी किए गए परीक्षण संस्करणों में मिली गंभीर तकनीकी त्रुटियों को ठीक करने में जुटे हैं। तकनीकी दल कोड की जांच करेगा। वे सिस्टम की कार्यप्रणाली की निगरानी कर रहे हैं।
तीसरे बीटा पैकेज को जारी करने की प्रक्रिया
यह तीसरा बीटा पैकेज कंपनी के पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के डिवाइस तक पहुंचकर तकनीकी समुदाय द्वारा बताए गए सुधारों को लागू करेगा। नया सॉफ्टवेयर स्क्रीन ट्रांजिशन में होने वाली रुकावटों को खत्म करता है और बैकग्राउंड में अतिरिक्त बैटरी खपत की समस्या को भी हल करता है।
केंद्रीय सर्वर पर परीक्षण के सभी डेटा एकत्र होने के बाद कंपनी आम उपभोक्ताओं के लिए अंतिम स्थिर अपडेट देने की योजना बना रही है। यह वितरण दुनिया भर के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और नेटवर्क प्रदाताओं के अनुसार अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से सॉफ्टवेयर की कार्यक्षमता का मूल्यांकन होता है।
अंतिम सार्वजनिक संस्करण डाउनलोड करने के लिए ग्राहकों को किसी भी विशेष परीक्षण कार्यक्रम में पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यह स्थिर सॉफ्टवेयर सीधे डिवाइस की मुख्य सेटिंग में सामान्य सिस्टम अपडेट के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
अपडेट प्राप्त करने वाले प्रमुख स्मार्टफोन मॉडल
यह नया सॉफ्टवेयर पैकेज Samsung के वर्तमान प्रमुख स्मार्टफोन परिवार के तीनों नए मॉडलों के लिए एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। कंपनी ने कोडबेस को एक समान रखा है ताकि विभिन्न स्क्रीन आकारों और मेमोरी क्षमता वाले उपकरणों के प्रदर्शन में कोई अंतर न आए। इस परीक्षण सूची में निम्नलिखित फोन मॉडल शामिल हैं:
- कॉम्पैक्ट डिजाइन वाला Galaxy S25
- मध्यम स्क्रीन आकार वाला Galaxy S25 Plus
- डिजिटल पेन सपोर्ट वाला Galaxy S25 Ultra
कंपनी के डेटाबेस में दर्ज सीरियल नंबर के आधार पर प्रत्येक मॉडल को एक विशिष्ट फर्मवेयर कोड के साथ यह फाइल मिलेगी। इस विशेष कोड के माध्यम से प्रत्येक फोन संस्करण के हार्डवेयर के अनुरूप आवश्यक फाइलें लोड की जाएंगी।
सॉफ्टवेयर के प्रदर्शन और स्थिरता में होने वाले बदलाव
प्रारंभिक परीक्षणों के दौरान कैमरा टूल के धीमे खुलने, बैकग्राउंड में होने वाली रुकावटों और ड्रॉप-डाउन मेनू में आई तकनीकी खामियों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कंपनी के सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने आंतरिक कोड लाइब्रेरी को नए सिरे से तैयार किया है ताकि सिस्टम बिना किसी परेशानी के तेजी से चले। कंपनी के तकनीकी दल ने ग्राफिक्स को बेहतर बनाते हुए सिस्टम को 120 हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट पर निर्बाध रूप से चलाने का लक्ष्य रखा है। नए बदलावों से समग्र गति में सुधार दर्ज किया गया है।
फास्ट चार्जिंग के दौरान प्रोसेसर के तापमान को नियंत्रित रखना इंजीनियरों की मुख्य प्राथमिकता रही है। भारी ग्राफिक्स और गेमिंग के दौरान प्रोसेसर की गति अचानक कम न हो, इसके लिए हीटिंग सीमाओं में आवश्यक तकनीकी संतुलन बनाया गया है।
इस अद्यतन के बाद ऑपरेटिंग सिस्टम का इंटरफ़ेस आम जनता के लिए निर्बाध उपयोग के मानक स्तर पर पहुंच जाएगा। डेवलपर समुदाय के अनुसार यह चरण सभी प्राथमिक तकनीकी कमियों को समाप्त कर देगा। परीक्षण दल ने अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है।
विभिन्न देशों में परीक्षण कार्यक्रम का विस्तार
One UI का यह परीक्षण कार्यक्रम सबसे पहले दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका में शुरू हुआ था, जिसके बाद इसे यूरोप और एशिया के चुनिंदा बाजारों में पहुंचाया गया। विभिन्न देशों के दूरसंचार नेटवर्कों से टेलीमेट्री डेटा जुटाने से इंजीनियरों को मोबाइल कनेक्टिविटी और नेटवर्क ड्रॉप जैसी समस्याओं को रोकने में मदद मिलती है।
परीक्षण प्रक्रिया दक्षिण कोरियाई कंपनी के सर्वरों से भेजे जाने वाले वायरलेस अपडेट के जरिए काम करती है। फोन के नोटिफिकेशन पैनल में अलर्ट आते ही पंजीकृत उपयोगकर्ता सीधे वाई-फाई नेटवर्क के माध्यम से यह फाइल डाउनलोड कर सकते हैं। यह स्वचालित प्रणाली डेटा सुरक्षा को भी प्राथमिकता देती है।
इंस्टॉलेशन फाइल के साथ विस्तृत तकनीकी विवरण भी संलग्न है जिसमें Samsung द्वारा किए गए सभी आंतरिक बदलावों का उल्लेख किया गया है। उपयोगकर्ता अपडेट विवरण में प्रत्येक सुधारी गई त्रुटि और नए सुरक्षा पैच की विस्तृत सूची देख सकते हैं।

