Nasa के Perseverance रोवर ने मंगल ग्रह के Jezero Crater में प्राचीन नदी प्रणाली की तलछटी चट्टानों के भीतर दबे कार्बनिक कार्बन यौगिकों को खोज निकाला है। जांचे गए ये नमूने एक ऐसे सुदूर भूगर्भीय काल के हैं जब उस ग्रह पर तरल पानी सक्रिय रूप से बहता था। उस प्राचीन वातावरण के रासायनिक प्रमाण अब भी इन पथरीली परतों में सुरक्षित मौजूद हैं।
Perseverance द्वारा जुटाए गए इन प्राथमिक नमूनों की विस्तृत प्रयोगशाला जांच अभी जारी है।
शोधकर्ताओं ने इन रासायनिक घटकों को उन तलछटी सामग्रियों के भीतर दर्ज किया है जिन्हें उस सुदूर भूगर्भीय काल में बहते जल प्रवाह द्वारा ले जाया गया था जब पड़ोसी लाल ग्रह पर एक विशाल झील मौजूद थी और नदियां लगातार बहकर विभिन्न प्रकार के खनिज यौगिकों को एक जगह जमा कर रही थीं। Jezero बेसिन में रासायनिक तत्वों के संचय से जुड़ा यह नया विश्लेषण शोध पत्रिका Science Advances में प्रकाशित हुआ है।
लाल ग्रह पर इन रासायनिक यौगिकों के बनने के तीन संभावित स्रोत
- ग्रह की ऊपरी परत में होने वाली प्राचीन ज्वालामुखीय प्रतिक्रियाएं
- तरल जल और विभिन्न खनिजों के बीच लंबे समय तक चले रासायनिक संपर्क
- अंतरिक्ष से आने वाले उल्कापिंडों का मंगल की सतह से तीव्र टकराव
मंगल की सतह पर इन पदार्थों की मौजूदगी वहां किसी जैविक जीवन के होने की सीधी पुष्टि नहीं करती, क्योंकि पूरी तरह से अजैविक और भूगर्भीय प्रक्रियाएं भी जीवों की अनुपस्थिति में ऐसे कार्बनिक अणु तैयार कर सकती हैं।
पृथ्वी की तुलना में मंगल ग्रह की ऊपरी परत की असाधारण स्थिरता
मंगल की चट्टानी परत पृथ्वी के धरातल की तुलना में असाधारण भौतिक स्थिरता दर्शाती है। वहां कोई टेक्टोनिक हलचल नहीं है।
पड़ोसी ग्रह पर न तो प्लेट टेक्टोनिक्स जैसी सक्रिय प्रक्रियाएं चलती हैं और न ही वहां पृथ्वी जैसा भीषण मौसमी कटाव होता है। इस भूगर्भीय शांति के कारण वहां की प्राचीन चट्टानें अरबों वर्षों तक अपने मूल यौगिकों को सुरक्षित रख पाती हैं। वैज्ञानिक अब Jezero की इन्हीं परतों का अध्ययन करके मंगल के पर्यावरण के क्रमिक विकास का नक्शा तैयार कर रहे हैं।
पृथ्वी पर जीवन के बुनियादी ढांचे और प्राचीन सूक्ष्म जीवाश्मों से तुलना
पृथ्वी पर जटिल कार्बनिक मैक्रोमोलेक्यूल्स जैविक जीवन की आधारशिला हैं और प्राचीन चट्टानी संरचनाओं में ये आदिम रोगाणुओं के एकमात्र बचे हुए रासायनिक प्रमाण के रूप में सुरक्षित मिलते हैं।
Planetary Science Institute की शोधकर्ता और इस अध्ययन की सह-लेखक Ashley Murphy ने बताया कि कार्बन स्थलीय जीवन का सबसे मुख्य आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंगल पर इन बुनियादी घटकों की उपलब्धता का पता लगाने से यह तय करने में मदद मिलेगी कि क्या अतीत में वहां जीवन पनपने के लिए आवश्यक दशाएं बनी थीं।
