ओरियनिड्स उल्कापात से चमकेगा आकाश, 21 अक्टूबर को पृथ्वी से टकराएंगे हैली के मलबे
हैली धूमकेतु द्वारा छोड़े गए अंतरिक्षीय मलबे के घने क्षेत्र में पृथ्वी का प्रवेश 21 अक्टूबर 2026 की रात और भोर के समय ओरियनिड्स उल्कापात को अपनी चरम गतिविधि तक पहुंचाएगा। यह आकाशीय घटना अक्टूबर के महीने में होने वाली कई प्रमुख खगोलीय गतिविधियों का मुख्य हिस्सा है, जिसमें पूर्वी क्षितिज पर चंद्रमा के साथ मंगल और बृहस्पति का दृश्य संयोजन और चार नियमित चंद्र चरणों का चक्र भी शामिल है [Mix Vale]।
अंतरिक्ष में पृथ्वी की कक्षा 2 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 के बीच इस वार्षिक उल्कापात धारा को पार करती है। आवधिक धूमकेतु 1P/Halley के पीछे छूटे बर्फ और चट्टान के सूक्ष्म कण जब अत्यधिक वेग के साथ पृथ्वी के वायुमंडलीय गैसों से टकराते हैं, तब घर्षण के कारण जलकर चमकदार लकीरें उत्पन्न करते हैं [Mix Vale]।
इस खगोलीय घटना के 21 अक्टूबर वाले चरम बिंदु पर प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा की चमक से दृश्यता पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। उस समय चंद्रमा वैक्सिंग गिबस यानी बढ़ते हुए चरण में लगभग 70 प्रतिशत प्रकाशित रहेगा, जिससे कम रोशनी वाले उल्काओं की चमक हल्की पड़ जाएगी और जमीन से देखने वालों के लिए चुनौती पैदा होगी [Mix Vale]।
उल्कापिंडों के शानदार नजारे को देखने के लिए व्यावहारिक तरीके
ओरियनिड्स उल्कापात का अवलोकन करने के लिए किसी दूरबीन या विशेष टेलीस्कोपिक उपकरण की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि देखने वाले भोर से पहले के अंधेरे में किसी ग्रामीण क्षेत्र या शहरों से दूर कम रोशनी वाली जगह पर मौजूद हों, जिससे मानवीय आंखें रात के गहरे अंधेरे के अनुकूल पूरी तरह ढल सकें [Mix Vale]।
आकाश में दृष्टि को ओरियन तारामंडल की ओर केंद्रित करना सबसे उपयुक्त माना जाता है, जो इस उल्का बौछार का विकिरक बिंदु यानी रेडिएंट केंद्र है। सतह पर 70 प्रतिशत चंद्र प्रकाश की मौजूदगी के बावजूद, उच्च वेग वाले चमकीले उल्कापिंड आसमान के अपेक्षाकृत गहरे हिस्सों में नग्न आंखों से स्पष्ट रूप से तैरते हुए नजर आएंगे [Mix Vale]।
पूर्वी क्षितिज पर चंद्रमा का मंगल और बृहस्पति ग्रह से निकट संपर्क
हैली धूमकेतु के चरम प्रवाह से पहले, पृथ्वी का उपग्रह 4 से 6 अक्टूबर 2026 के बीच सौरमंडल के दो बड़े ग्रहों के साथ आकर्षक दृश्य संयोजन का निर्माण करेगा। सोमवार, 5 अक्टूबर की भोर में सूर्योदय से कुछ समय पहले चंद्रमा पूर्वी क्षितिज पर सीधे मंगल ग्रह के निकट स्थित दिखाई पड़ेगा [Mix Vale]।
अगले दिन यानी मंगलवार, 6 अक्टूबर को चंद्रमा अपनी कक्षा में आगे बढ़ते हुए केवल 20 प्रतिशत प्रकाशित पतले अर्धचंद्राकार रूप में दिखाई देगा, जहां वह बृहस्पति ग्रह के समानांतर नजर आएगा [Mix Vale]। सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह भोर के समय सूर्य की पहली किरण निकलने से पहले अत्यधिक तीव्र चमक बिखेरता हुआ दिखेगा [Mix Vale]।
तारों और ग्रहों की यह निकटता पूरी तरह से पृथ्वी से देखने पर बनने वाला एक दृष्टिभ्रम मात्र है [Mix Vale]। वास्तविक अंतरिक्ष में चंद्रमा, मंगल और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है, जिससे उनके पारस्परिक गुरुत्वाकर्षण अथवा भौतिक कक्षाओं में कोई परिवर्तन नहीं आता है [Mix Vale]।
अक्टूबर 2026 के महीने में तय चंद्र चरणों का पूरा समय
सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के कक्षीय संरेखण के ज्यामितीय विन्यास के कारण अक्टूबर में चंद्र चरणों के बदलाव का समय आधिकारिक खगोलीय गणनाओं से निर्धारित किया गया है [Mix Vale]:
- अंतिम तिमाही चरण: शनिवार, 3 अक्टूबर 2026, सुबह 10:25 बजे [Mix Vale]
- अमावस्या चरण: शनिवार, 10 अक्टूबर 2026, दोपहर 12:50 बजे [Mix Vale]
- पहली तिमाही चरण: रविवार, 18 अक्टूबर 2026, दोपहर 01:13 बजे [Mix Vale]
- पूर्णिमा चरण: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026, रात 01:12 बजे [Mix Vale]
महीने की पूर्णिमा का चरम समय सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को रात 01:12 बजे दर्ज किया जाएगा [Mix Vale]। जो खगोल प्रेमी रविवार, 25 अक्टूबर की शाम को चंद्रमा को क्षितिज से ऊपर उठते हुए देखेंगे, उन्हें यह खगोलीय पिंड पूरी तरह से गोलाकार और रोशन नजर आएगा [Mix Vale]।
महीने के अंत में दिखने वाली पूर्णिमा सुपरमून श्रेणी से बाहर
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होने वाली पूर्णिमा को वैज्ञानिक मानकों के अनुसार सुपरमून की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है [Mix Vale]। इस श्रेणी की पुष्टि के लिए पूर्णिमा का समय चंद्रमा के पेरिगी यानी पृथ्वी से न्यूनतम दूरी के बिंदु के साथ बिल्कुल सटीक मेल खाना जरूरी होता है [Mix Vale]।
पृथ्वी और उसके प्राकृतिक उपग्रह के बीच दूरी का पैमाना इस वर्गीकरण को पूरी तरह स्पष्ट करता है [Mix Vale]:
- 356 हजार से 363 हजार किलोमीटर: सुपरमून निर्धारण के लिए आवश्यक पेरिगी कक्षीय दूरी की सीमा [Mix Vale]
- 369 हजार किलोमीटर: 26 अक्टूबर 2026 की पूर्णिमा के समय पृथ्वी और चंद्रमा के बीच अनुमानित वास्तविक दूरी [Mix Vale]
अक्टूबर की पूर्णिमा के दौरान यह दूरी लगभग 369 हजार किलोमीटर रहने वाली है, जो सुपरमून की तय वैज्ञानिक सीमा से अधिक है [Mix Vale]। इस महीने का वास्तविक पेरिगी बिंदु पूर्णिमा के दो दिन बाद बुधवार, 28 अक्टूबर को आएगा [Mix Vale]। आधिकारिक खगोलीय पंचांग के रिकॉर्ड के अनुसार साल की अगली सुपरमून घटना मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को घटित होगी [Mix Vale] [Griffith Observatory].
