NASA के Perseverance रोवर ने मंगल ग्रह पर स्थित Jezero क्रेटर की तलछटी चट्टानों में फंसे जैविक कार्बन यौगिकों का पता लगाया है। यह विश्लेषण उस सुदूर भूवैज्ञानिक काल से जुड़ी परतों पर केंद्रित है जब लाल ग्रह की सतह पर सक्रिय रूप से तरल जल बहता था।
इन नमूनों का विश्लेषण जारी है।
Science Advances शोध पत्रिका में प्रकाशित इस वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार शोधकर्ताओं ने उन प्राचीन तलछटी पदार्थों में विशेष रासायनिक तत्वों की पहचान की है जिन्हें अरबों साल पहले बहते पानी ने एक विशाल सूखी झील की तलहटी में ले जाकर जमा किया था जब वहां नदियां लगातार प्रवाहित होती थीं। उस दौर में जलधाराएं विभिन्न प्रकार के खनिजों को लंबे समय तक एक स्थान पर एकत्रित करती रहीं। इस अध्ययन ने प्राचीन पर्यावरण की रासायनिक संरचना पर नया प्रकाश डाला है।
रासायनिक घटकों के संभावित स्रोतों का विवरण
- ग्रह की बाहरी परत में होने वाली ज्वालामुखीय प्रतिक्रियाएं
- तरल जल और स्थानीय खनिजों के बीच लंबा रासायनिक संपर्क
- अंतरिक्ष से आने वाले पिंडों की मंगल की सतह से टक्कर
इन रासायनिक पदार्थों की मौजूदगी मंगल पर जैविक जीवन की पुष्टि नहीं करती है। अजैविक और भूवैज्ञानिक प्रक्रियाएं भी बिना किसी जीव के ऐसे समान अणुओं का निर्माण कर सकती हैं।
मंगल की सतह और पृथ्वी की संरचना के बीच बड़ा अंतर
मंगल की ऊपरी परत पृथ्वी की तुलना में असाधारण भौतिक स्थिरता दिखाती है। इस पड़ोसी ग्रह पर न तो कोई सक्रिय टेक्टोनिक प्लेट्स मौजूद हैं और न ही वहां पृथ्वी जैसा भीषण मौसमी कटाव होता है। इसी वजह से अरबों साल पुरानी चट्टानें आज भी अपने मूल यौगिकों को बिना नष्ट हुए संभाल कर रख पाई हैं। शोधकर्ता पर्यावरण के विकास को समझने के लिए इन परतों की पड़ताल कर रहे हैं।
पृथ्वी पर जटिल मैक्रोमोलेक्यूल्स जीवन का आधार बनाते हैं और प्राचीन चट्टानों में रोगाणुओं के एकमात्र अवशेष के रूप में बचे रहते हैं।
कार्बनिक तत्वों की भूमिका और स्थलीय नमूनों से तुलना
Planetary Science Institute की वैज्ञानिक और इस अध्ययन की सह-लेखक Ashley Murphy ने बताया कि कार्बन पृथ्वी पर मौजूद जीवन की मुख्य रीढ़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंगल ग्रह पर बुनियादी घटकों की उपस्थिति को जांचना यह तय करने में मदद करता है कि क्या वहां कभी पर्यावरण अनुकूल था। यह पड़ताल अतीत में जीवन के पनपने की संभावनाओं को समझने के लिए जरूरी आधार तैयार करती है।
वैज्ञानिक दल अब Jezero क्रेटर से मिले इन नमूनों के अन्य पहलुओं का बारीकी से अध्ययन कर रहा है। आने वाले समय में इन चट्टानी टुकड़ों से सौर मंडल के इस ग्रह के इतिहास से जुड़े और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।
